अतिरिक्त राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी मिलेगा
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले राकेश कुमार पैकरा के परिवार को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) द्वारा निर्धारित मुआवजे की राशि को बढ़ाते हुए परिवार को 40 लाख 93 हजार 231 रुपये अतिरिक्त देने का आदेश दिया है। इस अतिरिक्त राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देय होगा।
पत्नी और चार आश्रितों ने की थी अपील
यह मामला कोरबा के बालकोनगर निवासी लिशा कंवर और उनके चार आश्रितों से जुड़ा है। राकेश कुमार पैकरा की मई 2022 में सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद परिवार ने क्षतिपूर्ति के लिए दावा प्रस्तुत किया था।
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने 20 फरवरी 2024 को परिवार के पक्ष में 85 लाख 4 हजार 709 रुपये का मुआवजा निर्धारित किया था। परिवार ने इस राशि को अपर्याप्त बताते हुए हाई कोर्ट में अपील की।
हाई कोर्ट ने मुआवजा बढ़ाकर 1.25 करोड़ किया
मामले की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति संजय कुमार जायसवाल ने अधिकरण के फैसले में संशोधन करते हुए कुल मुआवजा 1 करोड़ 25 लाख 97 हजार 940 रुपये निर्धारित किया। इस तरह पहले तय राशि की तुलना में 40 लाख 93 हजार 231 रुपये की बढ़ोतरी हुई।
अदालत ने बढ़ी हुई राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का भी निर्देश दिया है।
आय और भविष्य की संभावित कमाई को माना आधार
हाई कोर्ट ने मृतक की आय का आकलन करते समय उनके आयकर रिटर्न को आधार बनाया। अदालत ने वार्षिक आय में भविष्य की संभावित आय वृद्धि को भी शामिल किया। इसके बाद आयकर की कटौती और आश्रितों से संबंधित कानूनी प्रावधानों के आधार पर मुआवजे की पुनर्गणना की गई।
अदालत ने मृतक की उम्र करीब 40 वर्ष मानते हुए सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित सिद्धांतों के अनुरूप 15 का गुणक लागू किया। इसी गणना के आधार पर कुल क्षतिपूर्ति राशि को संशोधित किया गया।
दावेदारों को हिंदी में जानकारी देने का निर्देश
हाई कोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि बढ़ाई गई मुआवजा राशि की जानकारी दावेदारों को हिंदी में लिखित रूप से उपलब्ध कराई जाए, ताकि परिवार को अदालत के आदेश और मिलने वाली राशि की स्पष्ट जानकारी हो सके।














