कोरबा। कटघोरा वन मंडल के पसान रेंज में 52 हाथियों के झुंड से परेशान ग्रामीणों ने गुरुवार सुबह कटघोरा-पेंड्रा मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। करीब चार घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक महीने से फसल और घर बचाने के लिए उन्हें रातभर जागना पड़ रहा है, लेकिन वन विभाग नुकसान रोकने में नाकाम रहा है।
300 से ज्यादा किसानों की फसल बर्बाद
पसान, धनसेल्हा, तेलियामार, लैंगी और कुम्हारीसानी क्षेत्र में हाथियों का झुंड फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। झुंड से अलग होकर निकलने वाले हाथी भी गांवों में घुस रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में डर और नाराजगी बढ़ गई है।
पूर्व सरपंच विनिता देवी और सरोज अग्रवाल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सुबह सात बजे सड़क पर प्रदर्शन शुरू किया। ग्रामीण फूल सिंह के मुताबिक, पिछले एक महीने में 300 से ज्यादा किसानों की फसल बर्बाद हुई है। रवि कुमार ने बताया कि रात में फसल की रखवाली करें या अपनी सुरक्षा की चिंता, इसी उलझन में ग्रामीणों की नींद गायब हो गई है।
स्ट्रीट लाइट, फेंसिंग और आठ दिन में मुआवजे की मांग
ग्रामीणों ने प्रभावित मोहल्लों में स्ट्रीट लाइट लगाने, पहाड़ी के पास स्थित खेतों के आसपास सौर या बिजली आधारित फेंसिंग करने और फसल नुकसान का मुआवजा आठ दिन के भीतर देने की मांग की। उन्होंने अतिक्रमित जमीन पर उगाई गई फसलों के नुकसान की भरपाई, पिछले साल के लंबित मुआवजे और हर मोहल्ले में हाथी प्रबंधन टीम तैनात करने की मांग भी रखी।
ग्रामीणों ने प्रति एकड़ 15 क्विंटल धान या उसके बराबर राशि मुआवजे के रूप में देने, पंचायत की खराब स्ट्रीट लाइट ठीक कराने और हाथी प्रभावित इलाके में सामुदायिक भवन बनाने की मांग भी उठाई।
160 बच्चों वाले हॉस्टल की दीवार तोड़ गया हाथी
तेलियामार स्थित दीपक स्कूल मिशन के हॉस्टल की बाउंड्री वॉल गुरुवार को एक हाथी ने तोड़ दी। हॉस्टल में करीब 160 बच्चे रह रहे थे। सरपंच सुरेंद्र तिग्गा ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें फिलहाल घर भेज दिया गया है।
प्रशासन के आश्वासन पर खत्म हुआ चक्काजाम
सूचना मिलने पर पोड़ी-उपरोड़ा SDM मनोज कुमार बंजारे, थाना प्रभारी सुरेंद्र यादव और पसान रेंजर मनीष सिंह मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों से बातचीत के बाद SDM ने मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
वन विभाग के मुताबिक, हाथियों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है और उन्हें घने जंगल की ओर ले जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। झुंड में आठ शावक हैं, जिसके कारण उसके लंबे समय तक एक क्षेत्र में रहने की बात कही गई है।














