ड्राफ्ट समिति के सामने बिलासपुर में पक्ष-विपक्ष में खुलकर रखी गई राय
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) यानी समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट तैयार करने से पहले सरकार अलग-अलग वर्गों की राय जुटा रही है। इसी सिलसिले में बुधवार, 28 अक्टूबर को बिलासपुर में संभाग स्तरीय चर्चा और परामर्श बैठक हुई। लाल बहादुर शास्त्री स्कूल परिसर स्थित देवकीनंदन दीक्षित सभागार में आयोजित बैठक में आठ जिलों के सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। इस दौरान विवाह, तलाक, गुजारा भत्ता, विरासत, गोद लेने और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा हुई।
महिलाओं और बच्चों के अधिकारों पर जोर
राज्य सरकार की ओर से गठित समान नागरिक संहिता की उच्चस्तरीय समिति के सदस्य और रिटायर्ड आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि परिवार से जुड़े मामलों में फिलहाल दो दर्जन से ज्यादा कानून और प्रावधान लागू हैं। इनमें कई तरह की भिन्नताएं हैं। समान नागरिक संहिता पर विचार करने का उद्देश्य इन मामलों में समानता को बढ़ावा देना और महिलाओं व बच्चों के अधिकारों को मजबूत करना है।
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 44 का उल्लेख करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कई फैसलों में समान नागरिक संहिता की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका धार्मिक पूजा-पद्धति, आस्था या किसी धर्म की परंपराओं में हस्तक्षेप करने का उद्देश्य नहीं है। इसका दायरा विवाह, तलाक, गुजारा भत्ता और विरासत जैसे नागरिक व पारिवारिक मामलों तक सीमित रहेगा।
समर्थन और विरोध, दोनों पक्षों ने रखी राय
बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा, कोरबा, रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों के प्रतिनिधियों ने बैठक में हिस्सा लिया। सामाजिक और धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और अन्य नागरिकों ने संहिता के समर्थन और विरोध में अपनी बातें रखीं।
परंपरागत मान्यताओं, अलग-अलग समुदायों की रीति-रिवाजों और कानूनी सुधारों से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा हुई। समिति ने भरोसा दिलाया कि ड्राफ्ट तैयार करने से पहले सभी सुझावों और मौजूदा कानूनी प्रावधानों का अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद राज्य सरकार को संहिता का प्रारूप और जरूरी विधायी व प्रशासनिक सिफारिशें सौंपी जाएंगी।
30 अक्टूबर तक ऑनलाइन भी दे सकते हैं सुझाव
बैठक में पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए समान नागरिक संहिता की अवधारणा और प्रमुख पहलुओं की जानकारी दी गई। नागरिक और संगठन 30 अक्टूबर तक आधिकारिक वेबसाइट ucc.cgstate.gov.in पर अपने सुझाव दे सकते हैं। इसके लिए ucc-chhattisgarh@cg.gov.in ई-मेल भी जारी किया गया है।
बैठक में समिति सदस्य एमके राउत, श्याम धावड़े, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार और रिटायर्ड प्राचार्य ज्योति रानी सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। स्वागत भाषण बिलासपुर संभागायुक्त सुनील जैन ने दिया। कार्यक्रम का संचालन सौरभ सक्सेना ने किया और आभार प्रदर्शन एडीएम शिवकुमार बनर्जी ने किया।













