लाखों का नुकसान, व्यापारियों ने बिजली व्यवस्था में लापरवाही को ठहराया जिम्मेदार

बिलासपुर। बिलासपुर के शनिचरी सब्जी बाजार में शुक्रवार तड़के लगी भीषण आग ने कई व्यापारियों की वर्षों की मेहनत कुछ ही घंटों में राख कर दी। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते करीब 14 से 15 दुकानें इसकी चपेट में आ गईं। घटना के बाद बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए।

जानकारी के अनुसार आग लगने की घटना रात करीब 2 बजे हुई। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को आग का संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।

सब्जी, किराना और अन्य सामान जलकर नष्ट

आग की चपेट में आने वाली दुकानों में सब्जी, किराना और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं का भंडारण किया गया था। आग इतनी विकराल थी कि अधिकांश दुकानों का सामान पूरी तरह जल गया। प्रभावित व्यापारियों के अनुसार इस हादसे में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

घटना के बाद कई दुकानदार अपनी दुकानें जलती देख भावुक हो गए। उनका कहना है कि रातोंरात उनकी आजीविका का बड़ा हिस्सा खत्म हो गया।

व्यापारियों ने लगाए गंभीर आरोप

हादसे के बाद व्यापारियों ने बिजली व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि बाजार में लंबे समय से बिजली संबंधी समस्याएं बनी हुई थीं। कई बार दुकानों के शटरों में करंट आने और खराब वायरिंग की शिकायत संबंधित विभागों को दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

व्यापारियों का कहना है कि यदि शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान दिया गया होता तो इस बड़े हादसे को टाला जा सकता था।

कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू

सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। आग की भयावहता को देखते हुए एक से अधिक दमकल वाहनों को लगाया गया। अग्निशमन कर्मियों ने कई घंटे तक लगातार प्रयास कर आग पर नियंत्रण पाया।

समय रहते आग को काबू में नहीं किया जाता तो बाजार की अन्य दुकानें भी इसकी चपेट में आ सकती थीं। दमकल कर्मियों की तत्परता से आसपास की कई दुकानें बचा ली गईं।

24 घंटे में दूसरी बड़ी आग की घटना

गौरतलब है कि बिलासपुर शहर में पिछले 24 घंटे के भीतर यह दूसरी बड़ी आगजनी की घटना है। इससे पहले बुधवारी बाजार में आग लगने से तीन दुकानें जलकर खाक हो गई थीं। लगातार हो रही आग की घटनाओं ने व्यापारियों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच पर है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि आग लगने के पीछे वास्तविक कारण क्या थे और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।

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