वृक्षारोपण, पर्यावरण पत्रिका विमोचन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश
बिलासपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने बिलासपुर स्थित मुख्यालय में उत्साह, जनभागीदारी और पर्यावरण संरक्षण के मजबूत संकल्प के साथ कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान पर्यावरण जागरूकता, हरित विकास और सतत खनन को बढ़ावा देने वाली अनेक गतिविधियां आयोजित की गईं।
कार्यक्रम की शुरुआत SECL के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरिश दुहान द्वारा पर्यावरण ध्वज फहराकर की गई। इस अवसर पर निदेशक (तकनीकी/संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन, निदेशक (तकनीकी/पीएंडपी) रमेश चंद्र मोहापात्रा सहित श्रद्धा महिला मंडल की अध्यक्ष शशि दुहान, उपाध्यक्षगण, वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी एवं महिला मंडल की सदस्याएं उपस्थित रहीं।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत हुआ वृक्षारोपण
देशव्यापी अभियान “एक पेड़ मां के नाम” के अंतर्गत नेहरू शताब्दी नगर कॉलोनी में विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। हरिश दुहान के नेतृत्व में अधिकारियों, कर्मचारियों और श्रद्धा महिला मंडल के सदस्यों ने फलदार एवं औषधीय पौधे लगाए। इस पहल के माध्यम से स्वच्छ और हरित वातावरण के निर्माण का संदेश दिया गया।
‘पर्यावरण दर्पण’ का हुआ विमोचन
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण SECL की वार्षिक पर्यावरण पत्रिका ‘पर्यावरण दर्पण’ का विमोचन रहा। इस अवसर पर कंपनी की पर्यावरणीय पहलों, हरित परियोजनाओं और सतत खनन गतिविधियों पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा।
ऊर्जा जरूरतों के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी भी जरूरी : हरिश दुहान
अपने संबोधन में हरिश दुहान ने कहा कि देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में SECL की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन इसके साथ पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कर्मचारियों से पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
दिलाई गई पर्यावरण संरक्षण की शपथ
निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास ने उपस्थित सभी लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। शपथ के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, जल बचत, अधिकाधिक वृक्षारोपण और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।
उद्योग और पर्यावरण के संतुलन पर जोर
निदेशक (तकनीकी/पीएंडपी) रमेश चंद्र मोहापात्रा ने कहा कि वास्तविक सतत विकास तभी संभव है जब औद्योगिक प्रगति और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ आगे बढ़ें। उन्होंने जिम्मेदार एवं पर्यावरण-अनुकूल खनन के प्रति SECL की प्रतिबद्धता दोहराई।
बच्चों और कलाकारों ने दिया प्रकृति बचाने का संदेश
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में डीएवी स्कूल के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। वहीं कुसमुंडा और हसदेव क्षेत्र की टीमों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटकों ने पर्यावरण जागरूकता के महत्व को प्रभावी ढंग से दर्शाया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
प्रतियोगिता विजेताओं का सम्मान
मुख्यालय स्तर पर आयोजित निबंध लेखन, चित्रकला, तात्कालिक भाषण और कविता पाठ प्रतियोगिताओं के विजेताओं एवं प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। पर्यावरण जागरूकता फैलाने में योगदान देने वाले प्रतिभागियों को अतिथियों ने पुरस्कार प्रदान किए।
कार्यक्रम में महाप्रबंधक (पर्यावरण) बी. राणा प्रताप ने विश्व पर्यावरण दिवस के महत्व और SECL की हरित पहलों की जानकारी दी। साथ ही, कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष का पर्यावरण दिवस संदेश भी पढ़कर सुनाया गया। कार्यक्रम का संचालन मुख्य प्रबंधक (पर्यावरण) शेख जाकिर हुसैन ने किया, जबकि डॉ. एम. एस. प्रियंका ने आभार प्रदर्शन किया।













