“रायपुर-केंद्रित विकास मॉडल से उपेक्षित हुआ बिलासपुर”, धरना जारी

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के बाद भी बिलासपुर संभाग अपेक्षित विकास से वंचित है। यह आरोप लगाते हुए हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने कहा है कि क्षेत्र में 4सी श्रेणी का हवाई अड्डा नहीं होना विकास की सबसे बड़ी बाधा बन गया है। समिति का कहना है कि बिलासपुर के समुचित विकास के बिना छत्तीसगढ़ का संतुलित विकास संभव नहीं है।

समिति के सदस्यों ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि पिछले ढाई दशकों के विकास कार्यों पर नजर डालें तो अधिकांश बड़े संस्थान रायपुर और नया रायपुर तक ही सीमित दिखाई देते हैं। चाहे निजी और सरकारी अस्पताल हों, उच्च शिक्षण संस्थान हों, आईआईटी, आईआईएम, आईआईआईटी या राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय—अधिकांश बड़े निवेश राजधानी क्षेत्र में केंद्रित किए गए हैं।

समिति ने आरोप लगाया कि हाल ही में घोषित कैपिटल डेवलपमेंट रीजन और लगभग 12 हजार करोड़ रुपये की प्रस्तावित मेट्रो परियोजना भी इस बात का संकेत है कि राज्य और केंद्र सरकारों का पूरा ध्यान रायपुर एवं उसके आसपास के क्षेत्रों पर केंद्रित है। इससे प्रदेश के दूसरे बड़े क्षेत्रों, विशेषकर बिलासपुर, की उपेक्षा हुई है।

समिति के अनुसार वर्ष 2001 में बिलासपुर में अपोलो अस्पताल की स्थापना के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र में अपेक्षित विस्तार नहीं हो सका। एक और मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का निर्माण जरूर हुआ, लेकिन वहां अब तक चिकित्सकीय सेवाएं पूरी तरह शुरू नहीं हो सकी हैं। दूसरी ओर रायपुर में हाल के वर्षों में वेदांता कैंसर अस्पताल, इट्सा, आईएलएसए जैसे संस्थानों के साथ अब मेदांता अस्पताल के आने की भी घोषणा हो चुकी है।

संघर्ष समिति का दावा है कि बेहतर हवाई संपर्क के अभाव में निजी क्षेत्र के निवेशक भी बिलासपुर के बजाय रायपुर-दुर्ग-भिलाई क्षेत्र को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसका असर होटल, स्वास्थ्य, शिक्षा और सेवा क्षेत्र में साफ दिखाई देता है। समिति ने कहा कि रायपुर में कई पांच सितारा होटल संचालित हो रहे हैं, जबकि बिलासपुर में अब भी सीमित स्तर की सुविधाएं उपलब्ध हैं।

धरना स्थल से समिति ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 1.76 लाख करोड़ रुपये के वार्षिक बजट वाले प्रदेश में बिलासपुर के लिए लगभग 500 करोड़ रुपये की एयरपोर्ट परियोजना को प्राथमिकता नहीं मिल रही है। समिति का आरोप है कि विकास के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे की बजाय अन्य मदों में बड़े पैमाने पर खर्च किया जा रहा है।

समिति ने दोहराया कि बिलासपुर में 4सी श्रेणी का एयरपोर्ट स्थापित होने से उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और व्यापार क्षेत्र को नई गति मिलेगी तथा पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।

हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का विशाल धरना शनिवार को भी जारी रहा। धरने में रवि बनर्जी, शिरीष कश्यप, परसराम कैवर्त, समीर अहमद ‘बबला’, जसवीर सिंह चावला, मनोज श्रीवास, संतोष पीपलवा, विभूतिभूषण गौतम, केशव गोरख, प्रकाश बहरानी, देवेंद्र सिंह ठाकुर, अमर बजाज, मझहर खान, संदीप बाजपेयी, अकील अली और सुदीप श्रीवास्तव सहित अनेक नागरिक उपस्थित रहे।

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