साइबर ठगी का मामला दबाने के लिए रकम मांगने का आरोप, दो पुलिस कर्मियों की भूमिका भी जांच के घेरे में
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ कैडर के 2022 बैच के ट्रेनी IPS अधिकारी राहुल बंसल अपनी पहली फील्ड पोस्टिंग के दौरान कथित एक करोड़ रुपये की रिश्वत के मामले में आरोपों के घेरे में आ गए हैं। मामले में उनके साथ सहायक उप निरीक्षक (ASI) प्रवीण कुमार राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा के नाम भी सामने आए हैं। आरोप है कि साइबर ठगी से जुड़े एक मामले को दबाने या निपटाने के लिए एक करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी और ली गई।
मामला अब दिल्ली की विशेष CBI अदालत तक पहुंच गया है। अदालत ने शिकायत और उसमें पेश किए गए कथित डिजिटल साक्ष्यों का संज्ञान लेते हुए छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DGP) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के निदेशक से Action Taken Report (ATR) मांगी है। रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि शिकायत पर अब तक संबंधित एजेंसियों ने क्या कार्रवाई की है।
मई 2026 में दो किस्तों में रकम देने का दावा
शिकायत के अनुसार, कथित एक करोड़ रुपये का भुगतान एक बार में नहीं हुआ। आरोप है कि हवाला माध्यम से मई 2026 में 50-50 लाख रुपये की दो किस्तों में रकम का लेन-देन किया गया। शिकायतकर्ता ने इस कथित लेन-देन और आरोपियों के बीच हुई बातचीत से संबंधित डिजिटल सामग्री भी अदालत के समक्ष रखी है।
बताया गया है कि पेश किए गए साक्ष्यों में WhatsApp चैट और कॉल रिकॉर्डिंग शामिल हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि इन डिजिटल सामग्रियों से कथित रिश्वत सौदे और उससे जुड़े संवाद के बारे में जानकारी मिलती है।
पहली फील्ड पोस्टिंग में सामने आए आरोप
शिकायत में राहुल बंसल के पूर्व करियर का भी उल्लेख किया गया है। IPS में आने से पहले वह आयकर निरीक्षक के पद पर कार्यरत थे। IPS प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) के रूप में पहली फील्ड पोस्टिंग मिली। इसी दौरान साइबर धोखाधड़ी से जुड़े मामले को लेकर उनके और दो अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिश्वत के आरोप सामने आए।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच और उनकी सत्यता अभी स्पष्ट होना बाकी है। अदालत द्वारा ATR मांगे जाने के बाद अब संबंधित विभागों की कार्रवाई और जांच की स्थिति पर नजर है।














