पोस्टमार्टम में प्राकृतिक मौत की पुष्टि; ATR के स्निफर डॉग ने पहुंचाया आरोपियों के घर तक, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम में केस
बिलासपुर। मरवाही वन परिक्षेत्र में एक बीमार मादा भालू की प्राकृतिक मौत के बाद भी उसके शव को नहीं छोड़ा गया। दो चरवाहों ने मृत भालू के पिछले पैर के चार पंजे निकाल लिए। वन विभाग को जानकारी मिली तो जांच शुरू हुई और अचानकमाक टाइगर रिजर्व (ATR) के स्निफर डॉग ‘नीतू’ की मदद से दोनों आरोपियों तक पहुंचा गया।
घटना मरवाही रेंज के उसाड़ सेक्शन के कक्ष क्रमांक 2035 की है। बुधवार शाम मादा भालू की मौत हुई थी। गुरुवार सुबह वनकर्मियों को इसकी जानकारी मिली। मौके पर पहुंचने पर अधिकारियों ने देखा कि भालू के पिछले पैर के दाहिने हिस्से से चार पंजे गायब थे।
पहले शिकार की आशंका, पोस्टमार्टम में खुला राज
पंजे गायब मिलने पर शुरुआती तौर पर अवैध शिकार की आशंका जताई गई। इसके बाद पशु चिकित्सक को बुलाकर मृत भालू का पोस्टमार्टम कराया गया।
रिपोर्ट में भालू की मौत प्राकृतिक कारणों से होने की पुष्टि हुई। बताया गया कि वह फेफड़ों के संक्रमण से बीमार था। यानी भालू की मौत के बाद उसके पंजे निकाले गए थे।
स्निफर डॉग ने आरोपियों के घर तक पहुंचाया
मामले की गंभीरता को देखते हुए ATR से प्रशिक्षित स्निफर डॉग ‘नीतू’ की मदद ली गई। संदिग्धों द्वारा शव के आसपास छुई गई वस्तुओं और मौके से मिले सुरागों के आधार पर डॉग ने टीम को सीधे आरोपियों के घर तक पहुंचा दिया।
शुरुआत में आरोपियों ने घटना से किसी तरह का संबंध होने से इनकार किया, लेकिन पूछताछ में उन्होंने भालू के पंजे निकालने की बात स्वीकार कर ली। वन विभाग ने निकाले गए चारों पंजे बरामद कर जब्त कर लिए।
ताबीज बनाने के लिए निकाले थे पंजे
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे भालू के पंजों से ताबीज बनाना चाहते थे। भालू के पंजों को लेकर अलग-अलग इलाकों में कई तरह की अंधविश्वासी मान्यताएं प्रचलित हैं। कुछ लोग इन्हें बुरी नजर और नकारात्मक शक्तियों से बचाने वाला मानते हैं, जबकि कुछ इसे शक्ति और साहस का प्रतीक मानते हैं।
हालांकि, ऐसी मान्यताओं का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।
DFO मरवाही कुमार निशांत के अनुसार भालू की मौत बीमारी के कारण प्राकृतिक रूप से हुई थी। इसके बाद दो चरवाहों ने उसके चार पंजे निकालकर ले लिए थे।
आरोपियों की पहचान मरवाही थाना क्षेत्र के ग्राम बरौर निवासी सुदर्शन यादव और सूरज साहिस के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। आवश्यक कार्रवाई के बाद मृत भालू के शव का अधिकारियों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया।













