कोरबा जिला खनिज न्यास निधि का मामला; सरकार ने कहा- शिकायतों की जांच के लिए बनी है समिति
बिलासपुर। कोरबा जिला खनिज न्यास (DMF) फंड में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने के लिए हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई दो सप्ताह के लिए टाल दी गई है।
यह जनहित याचिका कोरबा निवासी लक्ष्मी चौहान ने अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव के माध्यम से दायर की है। याचिका में DMF फंड में कथित गड़बड़ियों की जांच, निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार राशि खर्च करने और खनन प्रभावित लोगों को उसका लाभ दिलाने की मांग की गई है।
आठ महीने बाद भी जांच समिति की रिपोर्ट नहीं
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि शिकायतों की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है। हालांकि, समिति के गठन को करीब आठ महीने बीतने के बावजूद उसकी रिपोर्ट अब तक प्रस्तुत नहीं हुई है।
यही स्थिति अब याचिका में उठाए गए सवालों को और गंभीर बनाती है। अदालत ने सरकार से वर्तमान स्थिति का विस्तृत ब्यौरा हलफनामे के माध्यम से देने को कहा है।
फंड के इस्तेमाल और प्रभावितों को लाभ का मुद्दा
याचिका में कहा गया है कि DMF की राशि का उपयोग उन क्षेत्रों और लोगों के हित में होना चाहिए जो खनन गतिविधियों से प्रभावित हुए हैं। याचिकाकर्ता ने कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच और निधि के उपयोग की निगरानी की मांग की है।
मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी। तब जांच समिति की अब तक की कार्रवाई और रिपोर्ट में देरी के कारणों पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की युगलपीठ में हुई।













