केंद्र की मंजूरी के बाद छत्तीसगढ़ में हाईटेक उद्योगों को नई रफ्तार; करीब 9,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने का अनुमान
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाली एक बड़ी परियोजना को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत राजनांदगांव जिले में Electronics Manufacturing Cluster (EMC 2.0) स्थापित किया जाएगा। परियोजना से 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित होने और करीब 9,000 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इस परियोजना के लिए 210.56 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता मंजूर की है। परियोजना की अनुमानित लागत 432.08 करोड़ रुपये बताई गई है। इसे करीब 306 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा और छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (CSIDC) इसकी कार्यान्वयन एजेंसी होगी।
सेमीकंडक्टर से स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स तक उद्योगों को मिलेगा प्लेटफॉर्म
राजनांदगांव में प्रस्तावित क्लस्टर में कंपनियों को तैयार औद्योगिक स्थान, बिजली-पानी की विश्वसनीय व्यवस्था, वेयरहाउस और आधुनिक औद्योगिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका उद्देश्य कंपनियों को कम समय में उत्पादन शुरू करने के लिए जरूरी आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराना है।
परियोजना में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन और स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों पर खास जोर रहेगा। अधिकारियों के मुताबिक इन क्षेत्रों की चार एंकर कंपनियां पहले ही क्लस्टर में इकाइयां स्थापित करने में रुचि जता चुकी हैं। इससे आगे चलकर उनके सप्लायर और सहायक उद्योगों के आने की संभावना भी बढ़ेगी।
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने परियोजना को मंजूरी मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार जताया है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि राज्य के युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण मिले, ताकि इस परियोजना से बनने वाले रोजगार का लाभ स्थानीय युवाओं को मिल सके।
छत्तीसगढ़ के इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को मिलेगी नई पहचान
EMC 2.0 योजना का उद्देश्य देश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा और साझा सुविधाएं तैयार करना है। योजना में रेडी-बिल्ट फैक्ट्री और प्लग-एंड-प्ले जैसी सुविधाओं के जरिए बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माताओं और उनकी सप्लाई चेन को आकर्षित करने पर जोर दिया गया है।
राजनांदगांव का यह क्लस्टर Make in India, Digital India और आत्मनिर्भर भारत जैसे राष्ट्रीय अभियानों को भी मजबूती देगा। परियोजना के आकार और संभावित निवेश को देखते हुए इसे छत्तीसगढ़ में पारंपरिक उद्योगों से आगे बढ़कर हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।














