बिलासपुर। अभिनेता और भाजपा सांसद रवि किशन ने उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को हार का सामना करना पड़ेगा और भाजपा भारी जीत हासिल करेगी। उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती भी दी।
रवि किशन मंगलवार को नवरात्रि के दौरान आयोजित रास गरबा कार्यक्रम में शामिल होने बिलासपुर पहुंचे थे। कार्यक्रम से पहले उन्होंने राजनीति, युवा पीढ़ी और छत्तीसगढ़ी सिनेमा को लेकर अपनी बात रखी।

योगी सरकार में यूपी बदलने का दावा

रवि किशन ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद उत्तर प्रदेश में बड़े बदलाव हुए हैं। पहले बिजली के बिल तो आते थे, लेकिन बिजली नहीं मिलती थी। राज्य में बाहुबलियों और माफिया का दबदबा था। अब हालात बदल चुके हैं। उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य की छवि से निकलकर उत्तम प्रदेश बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता सब समझती है और आने वाले विधानसभा चुनाव में विपक्ष को हार का सामना करना पड़ेगा।

अखिलेश यादव को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती

रवि किशन ने कहा कि अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी, जिसे योगी ने स्वीकार कर लिया। अब अखिलेश यादव को भी पीछे नहीं हटना चाहिए।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता, खासकर अयोध्या के लोग, इस मुकाबले को देखना चाहते हैं। अखिलेश यादव पूर्व मुख्यमंत्री हैं और उनके पास बड़ा वोट बैंक व समर्थक वर्ग है। ऐसे में उन्हें खुद अयोध्या से चुनाव लड़ने के लिए आगे आना चाहिए।

युवा पीढ़ी देश की असली ताकत

जेन-जी यानी नई युवा पीढ़ी पर रवि किशन ने कहा कि युवा देश की आत्मा हैं। आने वाले समय में यही पीढ़ी संसद से लेकर विधानसभा तक जिम्मेदारी संभालेगी। युवा इंजीनियर बनेंगे, सेना में जाएंगे और देश को आगे बढ़ाएंगे।

उन्होंने कहा, “मैं भगवान नहीं हूं, एक इंसान हूं। आप लोगों की तरह ही हूं।” रवि किशन के मुताबिक, युवाओं से जुड़ने के लिए खुद को आम इंसान की तरह पेश करना और उनकी सोच को समझना जरूरी है।

रामलीला से संस्कृति को आगे बढ़ाने की कोशिश

रवि किशन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उन्हें संगठन और समाज को समझने का मौका मिला है। एक कलाकार के तौर पर रामलीला के जरिए अपनी संस्कृति और धर्म को आगे बढ़ाना उनके लिए खास महत्व रखता है।

छत्तीसगढ़ी सिनेमा में अपार संभावनाएं

छत्तीसगढ़ी फिल्मों पर बात करते हुए रवि किशन ने कहा कि अच्छी फिल्में हमेशा दर्शकों के बीच जगह बनाती हैं। छत्तीसगढ़ी सिनेमा में भी काफी संभावनाएं हैं, लेकिन इसके लिए दमदार कहानियों और मजबूत विषयों पर काम करना होगा।

उन्होंने भोजपुरी और छत्तीसगढ़ी भाषा के बीच समानता का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों क्षेत्रों में पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक रिश्तों को महत्व दिया जाता है। बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश की तरह छत्तीसगढ़ में भी परिवार से जुड़ी कहानियों को दर्शकों का अच्छा समर्थन मिल सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here