बिलासपुर। सरकंडा थाना क्षेत्र के लिंगियाडीह में पारिवारिक विवाद के चलते एक युवक की हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, धनिराम निषाद उर्फ कुंदन ने अपने भतीजे अमित निषाद के सीने पर सब्जी काटने वाले धारदार हथियार से वार कर दिया। गंभीर हालत में अमित को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आरोपी चाचा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
रात में चीख-पुकार सुनकर जागे परिजन
घटना 12 अक्टूबर की रात करीब 11:50 बजे अपोलो चौक के पास लिंगियाडीह में हुई। पुलिस के अनुसार, घर में चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर परिजन जाग गए। शिकायतकर्ता रवि निषाद अपने बड़े भाई मितलाल के कमरे की ओर पहुंचे तो धनिराम निषाद उर्फ कुंदन को खून से सना धारदार हथियार लेकर बाहर निकलते देखा।
कमरे में अमित निषाद खून से लथपथ हालत में पड़ा था। उसके सीने पर गंभीर चोट थी। सूचना मिलते ही सरकंडा पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों की मदद से घायल अमित को 108 एंबुलेंस से CIMS अस्पताल भेजा गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
महिला मित्र को घर लाने पर होता था विवाद
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, अमित अक्सर अपनी एक महिला मित्र को घर लाता था। इस बात को लेकर उसके चाचा धनिराम को आपत्ति थी और परिवार में अक्सर विवाद होता था। घटना वाली रात भी इसी मुद्दे पर कहासुनी हुई। पुलिस का कहना है कि इसके बाद आरोपी ने अमित के सीने पर धारदार हथियार से वार कर दिया।
घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा
हत्या की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर के डीआईजी एवं एसएसपी रजनेश सिंह ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज पटेल और सीएसपी सरकंडा तिलेश्वर प्रसाद यादव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रदीप आर्य के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच में फॉरेंसिक टीम, एफएसएल टीम और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की भी मदद ली गई।
पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद भागने की कोशिश कर रहे आरोपी को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार किया और उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया धारदार हथियार जब्त किया गया।
हत्या का अपराध दर्ज, आरोपी जेल भेजा गया
सरकंडा थाने में अपराध क्रमांक 1476/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) में अपराध दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।













