8 सितंबर को दिल्ली में कोचिंग की बात कहकर घर से निकली थी अंजली, दुर्ग में करण सिंह के साथ रह रही थी
दुर्ग। शहर के शंकर नगर में CISF जवान के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही 26 वर्षीय अंजली घोडेश्वर की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 27 सितंबर को अंजली का शव उसके किराए के मकान में मिला था। उसके साथ रहने वाले CISF जवान करण सिंह ने पुलिस और परिवार को बताया कि अंजली ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। हालांकि महाराष्ट्र से पहुंचे अंजली के परिजनों ने मौत की परिस्थितियों पर संदेह जताते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है।
पुलिस के मुताबिक घटना मोहन नगर थाना क्षेत्र की है। अंजली मूल रूप से महाराष्ट्र के कल्याण की रहने वाली थी जबकि करण सिंह पंजाब का निवासी है और भिलाई में CISF में पदस्थ है। दोनों की करीब दो साल पहले सोशल मीडिया के जरिए पहचान हुई थी। परिवार के मुताबिक दोनों के बीच पिछले करीब दो साल से संबंध थे लेकिन घरवालों को करण के बारे में सिर्फ दोस्त के तौर पर जानकारी थी।
दिल्ली जाने की बात कहकर निकली थी घर से
परिजनों के अनुसार अंजली 8 सितंबर को घर से यह कहकर निकली थी कि वह पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली जा रही है। इसके बाद वह परिवार को दिल्ली की कोचिंग के फोटो भेजती रही। इन तस्वीरों में क्लासरूम, दूसरे विद्यार्थी और बोर्ड पर पढ़ाई से जुड़ी जानकारी दिखाई देती थी। इससे परिवार को यकीन था कि अंजली दिल्ली में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है।
लेकिन उसकी मौत के बाद परिवार को पता चला कि वह दिल्ली में नहीं थी। वह दुर्ग के शंकर नगर की लेन नंबर-10 में करण सिंह के साथ किराए के मकान में रह रही थी। दोनों करीब 15 दिन पहले ही इस मकान में रहने आए थे।
मौत की खबर करण ने दी, शव अस्पताल की मॉर्च्युरी में मिला
परिवार के मुताबिक 27 सितंबर को पुलिस की ओर से सीधे सूचना देने के बजाय करण सिंह ने फोन कर खुद को अंजली का बॉयफ्रेंड बताते हुए उसकी मौत की जानकारी दी। उसने बताया कि अंजली ने फांसी लगा ली थी। करण का कहना था कि उसने अंजली को फंदे से नीचे उतारा और उसे अपनी गोद में रखा था। उसने परिवार से यह भी कहा कि दोनों जल्द शादी करने की तैयारी में थे।
इसके बाद अंजली के परिजन दुर्ग पहुंचे। यहां उन्हें पता चला कि शव मॉर्च्युरी में रखा गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंपे जाने की प्रक्रिया की गई।
करण के खाते में पैसे भेजने के स्क्रीनशॉट भी मिले
परिवार के पास अंजली और करण के बीच हुए कुछ ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के स्क्रीनशॉट भी होने की बात सामने आई है। परिजनों के मुताबिक अलग-अलग तारीखों में 5 हजार, 2 हजार और 1,500 रुपये समेत कई रकम करण के खाते में भेजी गई थी। परिवार का दावा है कि इन लेन-देन की कुल रकम करीब 25 से 30 हजार रुपये हो सकती है।
हालांकि इन पैसों को किस वजह से भेजा गया था, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी सामने नहीं आई है। पुलिस जांच के बाद ही इन लेन-देन की असली वजह साफ हो सकेगी।
शरीर की स्थिति को लेकर परिवार ने उठाए सवाल
अंजली के परिजनों ने पुलिस से मिली तस्वीरों के आधार पर उसकी मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाए हैं। परिवार का कहना है कि शव की स्थिति, एक कान की बाली गायब होना और कपड़ों की स्थिति उन्हें सामान्य आत्महत्या जैसी नहीं लगी। परिजनों ने करण के चेहरे पर चोट या सूजन होने की बात भी कही है।
पोस्टमार्टम और मोबाइल जांच से खुलेंगे कई राज
मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट अहम होगी। इसके साथ पुलिस घटनास्थल की जांच, फोरेंसिक साक्ष्य, मोबाइल फोन की जांच और अंजली तथा करण के बीच हुई बातचीत और ऑनलाइन लेन-देन को भी खंगाल सकती है। इन्हीं जांचों से मौत से पहले दोनों के बीच क्या हुआ था और अंजली की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
परिजनों के मुताबिक अंजली घर की जिम्मेदारियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थी। पिता की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण वह परिवार की मदद करती थी और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही थी। परिवार को उम्मीद थी कि दिल्ली जाकर वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करेगी, लेकिन उसकी मौत के बाद सामने आई यह जानकारी उनके लिए भी बड़ा झटका है। मामले की पुलिस जांच जारी है।














