24 नवंबर को मनाया जाएगा छत्तीसगढ़ दिवस- राज्यपाल डेका, मुख्यमंत्री साय होंगे शामिल 

रायपुर। नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुक्रवार से शुरू हो रहे भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में इस बार छत्तीसगढ़ अपने औद्योगिक और सांस्कृतिक वैभव के साथ दमदार उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है। ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ की थीम पर तैयार विशेष पवेलियन में राज्य की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक माहौल और नई औद्योगिक नीति की विस्तृत झलक लोगों को देखने मिलेगी।

औद्योगिक विकास की पूरी तस्वीर एक जगह

मेले में बने छत्तीसगढ़ पवेलियन में राज्य के उद्योग जगत से जुड़ी हर अहम जानकारी सरल अंदाज़ में आगंतुकों को दी जाएगी।

  • नई औद्योगिक विकास नीति के प्रोत्साहन
  • MSME सेक्टर के लिए अवसर
  • नई इकाइयों की स्थापना
  • तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी

इसी दौरान निवेशकों के साथ इन्वेस्टर कनेक्ट मीटिंग्स भी होंगी, ताकि राज्य में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के प्रयासों को नई दिशा मिल सके।

संस्कृति, हस्तशिल्प और पर्यटन भी रहेंगे आकर्षण का केंद्र

पवेलियन में छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, हस्तशिल्प और पर्यटन के अवसरों को भी प्रमुखता से दिखाया जाएगा।

  • बस्तर क्षेत्र की डिजिटल प्रदर्शनी
  • हस्तशिल्प, वनोपज और खादी-ग्रामोद्योग की संभावनाएँ
  • ईको-टूरिज्म और प्रमुख पर्यटन स्थलों की जानकारी

हर दिन नृत्य दलों द्वारा राज्य की लोक–संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन भी किया जाएगा।

24 नवंबर को मनाया जाएगा ‘छत्तीसगढ़ दिवस’

मेले के दौरान 24 नवंबर को छत्तीसगढ़ दिवस का आयोजन होगा। शाम 6 बजे से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्य शामिल होंगे। यह आयोजन संस्कृति विभाग द्वारा किया जाएगा।

मिलेट कैफे और जैविक उत्पाद होंगे विशेष आकर्षण

पवेलियन में मिलेट आधारित उत्पादों की प्रदर्शनी और एक विशेष मिलेट कैफे भी बनाया जा रहा है। इससे कोदो, कुटकी, रागी और संवा जैसे लघु धान्य उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा-

  • जैविक व एक्ज़ॉटिक फूड ग्रेन
  • लघु वनोपज संघ के उत्पाद
  • राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मार्केटिंग की कोशिशें

इन सबका प्रदर्शन और बिक्री भी पवेलियन का हिस्सा होगा।

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