जान से मारने की धमकी और परिवार को नुकसान पहुंचाने का डर दिखाया, एएसआई का बेटा समेत चार गिरफ्तार, दो फरार
बिलासपुर, 3 अगस्त। बिलासपुर में 17 वर्षीय छात्रा को पहले दोस्ती के जाल में फंसाकर फिर लगातार धमकियों के दम पर उससे करीब एक वर्ष तक ₹14.50 लाख नकद और लगभग 450 ग्राम सोने के जेवर ऐंठने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में एएसआई के बेटे सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद शेष सोने और रकम के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
सर्कंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि आदतन अपराधी आयुष यादव अपने साथियों के साथ शहर के एक होटल में ठहरा हुआ है और काफी खर्चीली जीवनशैली जी रहा है। कार्रवाई के दौरान उसके पास से सोने की चेन और अंगूठी बरामद हुई। पूछताछ में वह इनके संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
कड़ाई से पूछताछ करने पर आयुष ने खुलासा किया कि यह सोना और नकदी एक 17 वर्षीय छात्रा से मिली थी। इसके बाद पुलिस ने छात्रा और उसके परिवार से संपर्क कर पूरे मामले की जांच शुरू की।
एटीएम के बाहर हुई पहचान, फिर शुरू हुआ ब्लैकमेल
जांच में सामने आया कि जनवरी 2025 में छात्रा एक परिचित और उसके छोटे बेटे के साथ एटीएम गई थी। वहीं आयुष यादव की उससे पहचान हुई। बाद में दोस्ती बढ़ी और आरोपियों ने उसका विश्वास जीत लिया। कुछ समय बाद उन्होंने छात्रा को धमकाना शुरू कर दिया कि यदि उसने किसी को कुछ बताया तो उसके परिवार के सदस्यों और छोटे बच्चों की हत्या कर देंगे या सड़क दुर्घटना करवा देंगे।
डर के कारण छात्रा लगातार उनकी मांगें पूरी करती रही। उसने परिवार को बताए बिना अपने एसबीआई और सहकारी बैंक खातों से एटीएम और ऑनलाइन माध्यमों से कई किस्तों में करीब ₹14.50 लाख आरोपियों को दे दिए।
पैसे खत्म होने पर लॉकर से निकलवाए जेवर
जब बैंक खातों में पैसा समाप्त हो गया तो आरोपियों ने छात्रा पर घर के लॉकर से सोने के आभूषण लाने का दबाव बनाया। जांच में पता चला कि छात्रा के दादा, जो सेवानिवृत्त एसईसीएल अधिकारी हैं, बीमारी के कारण अपने बैंक खाते, एटीएम और लॉकर की जिम्मेदारी उसे सौंप चुके थे। इसी का फायदा उठाकर छात्रा ने घर से लगभग 450 ग्राम सोने के जेवर निकालकर आरोपियों को सौंप दिए।
परिवार को लंबे समय तक इसकी भनक नहीं लगी। बाद में मामला सामने आने पर शिकायत दर्ज कराई गई।
नेपाल घूमे, रोज की महंगी पार्टियां कीं
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वसूली गई रकम से उन्होंने नेपाल की यात्रा की, महंगे होटलों में ठहरे और रोजाना हजारों रुपये की पार्टियां कीं। पुलिस के अनुसार एक पार्टी पर ₹6 हजार से ₹10 हजार तक खर्च किए जाते थे। आयुष यादव ने इसी रकम से एक एक्टिवा स्कूटर भी खरीदा था, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है।
चार गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
पुलिस ने इस मामले में आयुष यादव (22), आदर्श शर्मा (19), प्रिंस साहू (18) और आदित्य पांडेय (19) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ₹40 हजार नकद, दो सोने की अंगूठियां, एक सोने की चेन, मोबाइल फोन और एक्टिवा स्कूटर बरामद किया गया है।
पूछताछ में यह भी पता चला कि आरोपियों ने नकदी और कुछ जेवर प्रियम शर्मा और शौर्य करोलिया को भी दिए थे। दोनों फिलहाल फरार हैं और उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरवी रखे गए सोने के जेवर किन लोगों के पास हैं।
मुख्य आरोपी पर पहले से कई आपराधिक मामले
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी आयुष यादव के खिलाफ पहले से हत्या के प्रयास सहित छह आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके पिता पुलिस विभाग में सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) हैं। वहीं पीड़िता के परिवार का भी पुलिस विभाग से संबंध है, क्योंकि उसका चाचा आरक्षक के पद पर कार्यरत है।
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि आरोपियों ने एक पुराने आपराधिक मामले में समझौता कराने और केस खत्म कराने का झांसा देकर छात्रा से करीब ₹2 लाख अतिरिक्त भी ले लिए थे। इस पहलू की भी पुलिस अलग से जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, बैंक खातों, ऑनलाइन लेनदेन और बरामद आभूषणों की कड़ियों को जोड़कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।













