पश्चिम बंगाल पुलिस से भी कराया गया सत्यापन, चार लोगों के दस्तावेज अब भी जांच के घेरे में
बिलासपुर। सिरगिट्टी क्षेत्र में बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में पकड़े गए पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के 23 प्रवासी मजदूरों में से 19 को दस्तावेजों की जांच और सत्यापन के बाद रिहा कर दिया गया है। चार लोग अभी रायपुर के होल्डिंग सेंटर में रखे गए हैं।
एसएसपी राजनेश सिंह के अनुसार सभी लोगों के दस्तावेजों की जांच की गई और पश्चिम बंगाल पुलिस से भी उनका सत्यापन कराया गया। वहां से प्राप्त जानकारी के आधार पर 19 लोगों की नागरिकता संबंधी स्थिति स्पष्ट होने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
ये मजदूर मुर्शिदाबाद जिले के सुती, रघुनाथगंज और शमशेरगंज क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं। रोजगार की तलाश में वे छत्तीसगढ़ आए थे। इनमें कुछ लोग घर-घर जाकर घरेलू सामान बेचने का काम करते थे, जबकि कुछ मजदूरी कर रहे थे।
4 सितंबर को पुलिस ने सिरगिट्टी क्षेत्र में उन्हें बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में हिरासत में लिया था। घटना की जानकारी मिलने के बाद पश्चिम बंगाल में उनके परिजनों ने दस्तावेजों के आधार पर नागरिकता सत्यापन की मांग की थी।
चार लोगों के दस्तावेजों की जांच अभी जारी है। पुलिस के अनुसार इनके मामले में नागरिकता सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। जांच में इनके नाम एक एफआईआर की ‘डीलिस्टिंग’ सूची में सामने आने की जानकारी भी मिली है। इसके अलावा कुछ अन्य दस्तावेजों पर भी पुलिस ने संदेह जताया है।
इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।













