मुख्य परीक्षा में चार पेपर, कुल 400 अंक, इंटरव्यू के अंक 15 से बढ़ाकर 25 किए गए
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में सिविल जज बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए भर्ती नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव की खबर है। हाईकोर्ट की अनुशंसा के बाद राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ लोअर ज्यूडिशियल सर्विस रिक्रूटमेंट एंड कंडीशंस ऑफ सर्विस रूल्स, 2006 में संशोधन किया है।
कानून एवं विधायी कार्य विभाग ने इस संबंध में राजपत्र में अधिसूचना जारी की है। अब सिविल जज मुख्य परीक्षा में आपराधिक कानून से जुड़े प्रश्न पुराने कानूनों के बजाय नए आपराधिक कानूनों के आधार पर पूछे जाएंगे।
मुख्य परीक्षा में चार वर्णनात्मक प्रश्नपत्र होंगे और प्रत्येक 100 अंक का होगा। इस तरह मुख्य परीक्षा कुल 400 अंकों की होगी। प्रत्येक पेपर के लिए तीन घंटे का समय निर्धारित किया गया है। प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को रिक्त पदों की संख्या के 1:10 अनुपात में मुख्य परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा।
सबसे बड़ा बदलाव दूसरे प्रश्नपत्र यानी आपराधिक कानून में किया गया है। अभ्यर्थियों को भारतीय न्याय संहिता, 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की तैयारी करनी होगी। इसके अलावा किशोर न्याय अधिनियम, आयुध अधिनियम, छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम और परक्राम्य लिखत अधिनियम सहित अन्य कानून भी पाठ्यक्रम में शामिल हैं।
तीसरे पेपर में भाषा, सामाजिक एवं कानूनी अवधारणाएं तथा अनुवाद शामिल होंगे। हिंदी और अंग्रेजी व्याकरण के 10-10 अंक, सामाजिक एवं कानूनी विषयों पर निबंध के 20-20 अंक और समसामयिक कानूनी ज्ञान के 20 अंक होंगे। हिंदी से अंग्रेजी और अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद के लिए 10-10 अंक निर्धारित हैं।
चौथे पेपर में निर्णय लेखन होगा। सिविल और आपराधिक मामलों में ड्राफ्टिंग एवं प्लीडिंग के लिए 20-20 अंक तथा सिविल और आपराधिक निर्णय लेखन के लिए 40-40 अंक निर्धारित किए गए हैं।
चयन प्रक्रिया के अंतिम चरण में भी बदलाव किया गया है। इंटरव्यू के अधिकतम अंक 15 से बढ़ाकर 25 कर दिए गए हैं।













