तीन दिन से लापता थी, शव मुर्गी फार्म के पीछे मिला; ग्रामीणों ने फांसी की सजा की मांग की
कोरबा। राजगामार में सात साल की बच्ची भव्या जोशी की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी अमित चौहान (40) को गिरफ्तार कर लिया है। बालको थाना क्षेत्र के बेलगरी नाला का निवासी अमित बांगो क्षेत्र के जंगलों में पुलिस की कार्रवाई के दौरान गुरुवार देर रात पकड़ा गया। गिरफ्तारी की खबर फैलते ही शुक्रवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने राजगामार पुलिस चौकी का घेराव कर दिया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं। ग्रामीणों ने आरोपी को सामने लाने और दोषी को फांसी की सजा देने की मांग की।
तीन दिन से लापता थी बच्ची
भव्या 19 अक्टूबर को लापता हुई थी। जानकारी के मुताबिक, दोपहर करीब 1:30 बजे उसके पिता ने उसे घर के कुछ सामान लाने के लिए पास की राशन दुकान भेजा था। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने आसपास की सड़कों, दुकानों और रिश्तेदारों के घरों में तलाश की। बच्ची का पता नहीं चलने पर राजगामार पुलिस चौकी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
पुलिस तीन दिन तक बच्ची की तलाश करती रही। गुरुवार को उसका शव राजगामार में उस मुर्गी फार्म के पीछे झाड़ियों में मिला, जहां उसका परिवार रहता है। घटनास्थल पर आमतौर पर लोगों की आवाजाही कम रहती है। शव पर चोट के निशान मिलने के बाद मामला हत्या के संदेह के दायरे में आया।
दुष्कर्म की आशंका, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
शव की स्थिति और चोट के निशानों को देखते हुए पुलिस यौन हिंसा समेत सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। हालांकि, दुष्कर्म की पुष्टि अभी नहीं हुई है। मौत का सटीक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा।
शव को मेडिकल कॉलेज जिला अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया था। शुक्रवार को पोस्टमार्टम किया गया। पुलिस और फोरेंसिक टीम घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की जांच कर रही हैं। मौके से एक जूता और कपड़ों से जुड़ी कुछ वस्तुएं मिलने की भी जानकारी सामने आई है।
आरोपी से पूछताछ, निष्पक्ष जांच की मांग
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार अमित चौहान से पूछताछ की जा रही है। बताया गया है कि वह बच्ची के परिवार के आसपास आता-जाता था और घटना वाले दिन राजगामार में भी देखा गया था। पुलिस ने पहले संदिग्ध का स्केच जारी कर उसकी तलाश शुरू की थी। अब गिरफ्तारी के बाद जांच में जुटाए गए साक्ष्यों और घटनाक्रम के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बच्ची के पिता मूल रूप से सक्ती जिले के रहने वाले हैं। वह करीब चार महीने पहले परिवार के साथ राजगामार आकर रहने लगे थे और मुर्गी फार्म में काम करते हैं।
आक्रोश के बीच विरोध प्रदर्शन का ऐलान
घटना को लेकर इलाके में आक्रोश है। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और दोषी को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। कांग्रेस ने शुक्रवार शाम राजगामार में कैंडल मार्च निकालने की घोषणा की है। वहीं छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने भी गंभीर अपराधों की बढ़ती घटनाओं के विरोध में प्रदर्शन शुरू किया है।
पुलिस के सामने अब बच्ची की मौत की परिस्थितियों का पता लगाने, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की जांच करने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर यौन हिंसा की आशंका स्पष्ट करने की चुनौती है।














