200 से ज्यादा मोबाइल टावर, CCTV और फोरेंसिक जांच से खुला अंधे कत्ल का राज

जांजगीर-चांपा। मुलमुला थाना क्षेत्र के कोसा गांव में युवक की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक हत्या के पीछे प्रेम संबंध की वजह सामने आई है। मृतक अमित भंडारी (25) अपनी ही गांव की एक शादीशुदा महिला से बातचीत करता था। महिला के भाई ने दोनों को देर रात घर के पीछे साथ देख लिया, जिसके बाद विवाद हुआ और युवक पर फावड़े से हमला कर दिया गया।

पुलिस के अनुसार अमित 27 अगस्त से लापता था। 29 अगस्त को उसका शव गांव के एक बाड़ी के पास मिला था। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों को खंगाला।

200 से ज्यादा मोबाइल टावर का विश्लेषण

पुलिस ने जांच के दौरान 200 से अधिक मोबाइल टावर डंप के साथ CDR, IPDR, GPS लॉग और CCTV फुटेज का विश्लेषण किया। फोरेंसिक जांच और अपराध स्थल का दोबारा निरीक्षण भी किया गया। पुलिस के मुताबिक संदिग्धों के बयानों में विरोधाभास सामने आने के बाद उनसे लगातार पूछताछ की गई।

जांच में बिलासपुर से लाई गई ट्रैकर डॉग ‘विमला’ ने भी अहम सुराग दिया। पुलिस के अनुसार डॉग ने संदिग्धों के घर के आसपास दो बार चक्कर लगाया और फिर मुख्य दरवाजे के सामने बैठ गई। इसके बाद पुलिस ने घर की दीवार की जांच की, जहां खून के निशान मिले। फोरेंसिक जांच में यह मानव रक्त पाया गया।

दीवार से टकराया सिर, फिर फावड़े से हमला

पुलिस के मुताबिक अमित और महिला के बीच 27-28 अगस्त की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे तक फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद करीब 2:30 बजे अमित महिला के घर के पीछे उससे मिलने पहुंचा। इसी दौरान महिला का भाई बजरंग सिंह काम से लौटकर घर आया और पीछे से आवाज सुनकर वहां पहुंच गया।

पुलिस के अनुसार बजरंग ने अपनी बहन के साथ अमित को देखा तो दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। हाथापाई के दौरान अमित का सिर पीछे की दीवार से टकराया, जिससे वहां खून के निशान बन गए। इसके बाद अमित जान बचाने के लिए दीवार चढ़कर भागने की कोशिश करने लगा। आरोप है कि इसी दौरान बजरंग ने पास रखे फावड़े से उसके सिर और सीने पर वार कर दिए। गंभीर चोटों के कारण अमित की मौके पर मौत हो गई।

शव छिपाने में बहन और बड़े भाई ने की मदद

पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद बजरंग ने शव को घर के पीछे झाड़ियों में छिपा दिया। उस रात गांव में चोरी की सूचना के चलते डायल-112 की टीम भी मौजूद थी और ग्रामीण जाग रहे थे, इसलिए आरोपी शव को तत्काल दूसरी जगह नहीं ले जा सके।

अगले दिन बजरंग के बड़े भाई पप्पू सिंह को घटना की जानकारी दी गई। पुलिस का आरोप है कि इसके बाद दोनों भाइयों ने अमित की तलाश करने का दिखावा किया और उसके परिजनों के साथ थाने भी पहुंचे। बाद में रात के समय शव को गांव के ही दूसरे स्थान पर ले जाकर छिपाया गया।

पुलिस ने पूछताछ के बाद अमित की प्रेमिका संतोषी सिंह क्षत्रिय और उसके दोनों भाइयों बजरंग सिंह व पप्पू सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल फावड़ा और शव ले जाने में इस्तेमाल की गई छोटी लोहे की सीढ़ी बरामद की गई है।

तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

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