संतोष शर्मा, सुषमा सावंत और सुधीर कुमार, तीनों बेंच कोटे से

लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी आने की उम्मीद

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। राष्ट्रपति ने संतोष शर्मा, सुषमा सावंत और सुधीर कुमार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग ने मंगलवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी की।

यह नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 217(1) के तहत की गई है। अधिसूचना के मुताबिक तीनों न्यायाधीशों की नियुक्ति उनके संबंधित पद का कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी मानी जाएगी। नियुक्ति आदेश केंद्रीय न्याय विभाग के संयुक्त सचिव जगन्नाथ श्रीनिवासन के हस्ताक्षर से जारी किया गया है।

तीनों के पास न्यायिक और प्रशासनिक अनुभव

नवनियुक्त न्यायाधीश संतोष शर्मा वर्तमान में कोरबा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने 9 मई 2025 को इस पद का कार्यभार संभाला था।

सुषमा सावंत वर्तमान में रायपुर में विधि एवं विधायी कार्य विभाग की प्रमुख सचिव हैं। उन्होंने 13 अक्टूबर 2025 को इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं विधिक पद की जिम्मेदारी संभाली थी।

वहीं सुधीर कुमार रायपुर के फैमिली कोर्ट में प्रधान न्यायाधीश के पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने 27 मार्च 2025 को इस पद का कार्यभार ग्रहण किया था।

लंबित मामलों के दबाव के बीच अहम नियुक्ति

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में लंबित मामलों का दबाव लगातार न्यायिक व्यवस्था के सामने चुनौती बना हुआ है। अगस्त 2026 के आंकड़ों के मुताबिक हाईकोर्ट में 72 हजार प्रकरण लंबित हैं। ऐसे समय में तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को हाईकोर्ट की न्यायिक क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

नए न्यायाधीशों के कार्यभार संभालने के बाद विभिन्न प्रकृति के मामलों की सुनवाई और उनके निराकरण में तेजी आने की उम्मीद है। इससे हाईकोर्ट में न्यायिक कार्यों के संचालन को भी मजबूती मिलेगी।

इन नियुक्तियों के लिए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 18 अगस्त 2026 को हुई बैठक में तीनों न्यायिक अधिकारियों के नामों को मंजूरी दी थी। कॉलेजियम की स्वीकृति के बाद अब नियुक्ति की संवैधानिक प्रक्रिया भी पूरी हो गई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here