मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण का फैसला, पत्नी को 60%, बेटी को 30% और मां को 10% हिस्सा
बिलासपुर, 6 सितंबर। सड़क हादसे में जान गंवाने वाले सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल अनूप कुमार खलखो के परिवार को बिलासपुर की 8वीं अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण अदालत ने 83,81,316 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। पीठासीन अधिकारी अनिल प्रभात मिंज ने यह राशि वाहन की बीमा कंपनी चोलामंडलम एमएस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को देने के निर्देश दिए हैं।
हादसा 13 अगस्त 2023 को तड़के करीब 4 बजे कबीरधाम जिले के बोडला थाना क्षेत्र के बुधवारा गांव के पास हुआ था। 50 वर्षीय अनूप खलखो मंडला, मध्यप्रदेश में सीआरपीएफ में हेड कांस्टेबल थे। छुट्टी पर रायपुर जाते समय बस से उतरने के बाद वे सड़क किनारे बस का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान तेज और लापरवाही से चलाए जा रहे बोलेरो पिकअप ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई।
बीमा कंपनी की दलील खारिज
मृतक की पत्नी एंजेला खलखो, आठ वर्षीय बेटी मैरी ग्रेस और 84 वर्षीय मां टेरेसा खलखो ने मुआवजे के लिए दावा किया था। बीमा कंपनी ने तर्क दिया कि मृतक की पत्नी सरकारी शिक्षिका हैं और इसलिए उन्हें आश्रित नहीं माना जाना चाहिए। परिवार पेंशन में कटौती को लेकर भी आपत्ति उठाई गई।
अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों का हवाला देते हुए बीमा कंपनी की दलीलों को स्वीकार नहीं किया।
अधिकरण ने मुआवजे की राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देने का आदेश दिया है। ब्याज 30 अक्टूबर 2023 से वास्तविक भुगतान तक देय होगा। कुल राशि में पत्नी को 60 प्रतिशत, नाबालिग बेटी को 30 प्रतिशत और वृद्ध मां को 10 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा।














