रायपुर। राजधानी रायपुर में कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर कथित तौर पर 25 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने ृ शाम को पूछताछ के बाद थाने से ही जमानत पर छोड़ दिया गया। पुलिस ने इससे पहले जांजगीर-चांपा के एक युवक को पकड़ा था। उससे पूछताछ के दौरान शोएब ढेबर का नाम सामने आने के बाद पुलिस ने शनिवार देर रात उसे हिरासत में लिया था। अब पुलिस इस पूरे मामले में धमकी देने वाले नेटवर्क और उसके पीछे की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

हॉटस्पॉट से इंटरनेट कॉल कराने का आरोप

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि कुकरेजा को धमकी देने के लिए एक होटल में काम करने वाले युवक का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि उसे लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर फोन करने के लिए कहा गया था। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक इस काम के लिए उसे करीब पांच हजार रुपये दिए गए थे। धमकी के लिए नया मोबाइल और सिम इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है।

जांच में शोएब ढेबर की कथित भूमिका भी सामने आई है। आरोप है कि इंटरनेट कॉल करने के लिए उसने हॉटस्पॉट उपलब्ध कराया था। एक अन्य रिपोर्ट में होटल के वाई-फाई के इस्तेमाल की बात कही गई है। पुलिस अब मोबाइल, इंटरनेट कनेक्शन, कॉल डिटेल और दूसरे डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है। इन दावों की पूरी पुष्टि पुलिस की विस्तृत आधिकारिक जानकारी आने के बाद ही होगी।

जांच का दायरा बढ़ा, टीनू भारद्वाज से भी पूछताछ

शोएब ढेबर को पुलिस मेमन समाज के एक कार्यक्रम से देर रात तेलीबांधा थाने लेकर पहुंची थी। इसके बाद सेंट्रल जोन एसीपी और तेलीबांधा थाना प्रभारी समेत पुलिस अधिकारियों ने उससे पूछताछ की। जांच आगे बढ़ने पर बीजेपी नेता के भांजे टीनू भारद्वाज और होटल के कुछ कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई। पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि धमकी देने वालों का आपस में संपर्क कैसे हुआ और फोन किसके कहने पर किए गए।

कुछ रिपोर्टों में पुलिस सूत्रों के हवाले से यह भी कहा गया है कि बिश्नोई गैंग के नाम पर करीब सात लोगों को धमकी दिए जाने की जानकारी जांच में सामने आई है। हालांकि, इन सभी मामलों के पीछे एक ही नेटवर्क है या अलग-अलग लोगों ने गैंग का नाम इस्तेमाल किया, यह अभी जांच का विषय है।

एजाज ढेबर से 50 करोड़ मांगने का मामला भी सामने

इस मामले के बीच पूर्व महापौर एजाज ढेबर को मिली धमकी ने भी जांच को अहम बना दिया है। कुछ दिन पहले उन्हें विदेशी नंबर से फोन कर 50 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया था। फोन करने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई और अमन साव गैंग से जुड़ा बताया था। एजाज ढेबर की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी।

अब पुलिस यह भी देख रही है कि एजाज ढेबर को मिली धमकी और आनंद कुकरेजा को दिए गए धमकी भरे फोन के बीच कोई संबंध है या नहीं।

कॉल से लेकर पैसों के लेन-देन तक जांच

पुलिस की जांच अब सिर्फ फोन करने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं है। इंटरनेट कॉल का स्रोत, मोबाइल और सिम की जानकारी, होटल में मौजूदगी, हॉटस्पॉट या वाई-फाई का इस्तेमाल और कथित पैसों के लेन-देन की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बिश्नोई गैंग का नाम वास्तव में किसी संगठित नेटवर्क ने इस्तेमाल किया या इसके पीछे कोई स्थानीय साजिश थी।

शोएब ढेबर अनवर ढेबर का बेटा और पूर्व महापौर एजाज ढेबर का भतीजा है। मौजूदा मामले में उसकी कथित भूमिका को लेकर जांच जारी है। पुलिस की पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि धमकी की पूरी योजना में उसकी वास्तविक भूमिका क्या थी और गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों के बीच आपसी संबंध किस तरह के थे।

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