मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रमेश सिन्हा ने फहराया तिरंगा, कर्मा नृत्य ने बांधा समां; न्यायाधीशों ने पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट परिसर में 15 अगस्त को 80वां स्वतंत्रता दिवस गरिमा, उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। समारोह में संवैधानिक मूल्यों के साथ छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रमेश सिन्हा ने ध्वजारोहण कर समारोह की शुरुआत की।
इससे पहले मुख्य न्यायाधीश ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उपस्थित लोगों ने श्रद्धा के साथ राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान के दौरान सभी ने तिरंगे को सलामी दी।
समारोह में पुलिस बल के साथ एनसीसी और एनएसएस कैडेट्स ने शानदार मार्चपास्ट किया। मुख्य अतिथि को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। अनुशासन और जोश से भरी परेड ने समारोह में देशभक्ति का उत्साह और बढ़ा दिया।
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक पक्ष छत्तीसगढ़ का पारंपरिक कर्मा नृत्य रहा। कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुति ने दर्शकों का दिल जीत लिया और समारोह में प्रदेश की लोक संस्कृति की जीवंत छाप छोड़ी।
अपने संदेश में मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि स्वतंत्रता का अर्थ केवल अधिकारों का उपयोग करना नहीं है, बल्कि राष्ट्र और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करना भी है। उन्होंने कहा कि हमारा संविधान नागरिकों को आगे बढ़ने के लिए मजबूत और स्पष्ट मार्ग प्रदान करता है।
समारोह के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले परेड प्रतिभागियों को मुख्य न्यायाधीश ने स्मृति चिह्न प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।
इसके बाद पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मुख्य न्यायाधीश सहित हाई कोर्ट के न्यायाधीशों ने परिसर में पौधरोपण किया। समारोह में हाई कोर्ट के न्यायाधीश, महाधिवक्ता, हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, वरिष्ठ अधिवक्ता, रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री अधिकारी-कर्मचारी, न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी तथा प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।













