दाएं-बायें के 35 गांवों में मुनादी; निचले इलाकों में घरों तक पहुंचा पानी
कोरबा। लगातार बारिश और बांध में बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए मिनीमाता हसदेव बांगो बांध से पानी की निकासी बढ़ा दी गई है। रविवार शाम करीब चार बजे बांध के नौ गेट खोल दिए गए। करीब छह मीटर तक गेट खोलकर हसदेव नदी में कुल 41,080 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। इसमें 32,080 क्यूसेक पानी बांध के गेटों से और 9,000 क्यूसेक हाइड्रो पावर प्लांट से छोड़ा गया।
अधिकारियों के अनुसार बांध का जलस्तर 358.60 मीटर दर्ज किया गया, जो कुल जलभराव क्षमता का 93.65 प्रतिशत है। इस दौरान बांध में करीब 16,700 क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई थी। लगातार आवक को देखते हुए जलस्तर नियंत्रित करने के लिए गेट खोले गए।
पानी की निकासी बढ़ने के साथ पिछले सात घंटे में बांध का जलस्तर करीब सात सेंटीमीटर कम हुआ। अधिकारियों के अनुसार जलस्तर 358.32 मीटर यानी करीब 92 प्रतिशत क्षमता तक पहुंचने पर गेटों को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जा सकता है।
इससे पहले 15 अगस्त की सुबह 9.35 बजे सात गेट खोले गए थे। उस समय इन गेटों से करीब 18,786 क्यूसेक और हाइडल प्लांट से 9,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। बाद में बढ़ती आवक को देखते हुए नौ गेटों से निकासी बढ़ाई गई।
निचले इलाकों में पहुंचा पानी
हसदेव नदी में बढ़ते प्रवाह का असर निचले इलाकों में दिखाई देने लगा है। सीतामढ़ी क्षेत्र के कुछ घरों में नदी का पानी घुसने की सूचना है। लोग जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं।
प्रशासन ने हसदेव नदी किनारे बसे 35 संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों से नदी और तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहने, मवेशियों को ऊंचे सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और बच्चों को नदी-नालों के पास नहीं जाने देने की अपील की गई है।
राजस्व, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें अलर्ट पर हैं। जल संसाधन विभाग ने बताया कि दरी बैराज से भी पानी छोड़ा जा रहा है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों के अलावा खनन ठेकेदारों और औद्योगिक इकाइयों को भी जरूरी सामान और संसाधन सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की सलाह दी गई है।
हसदेव नदी का पानी चांपा होते हुए जांजगीर-चांपा जिले के देवरी-केरा में महानदी में मिलता है। इसलिए सक्ती जिले के हसौद-चंद्रपुर क्षेत्र सहित नदी प्रभावित इलाकों में भी निगरानी बढ़ाई गई है। मिरौनी, साराडीह और कलमा बैराज के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। कोरबा, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और रायगढ़ जिले अलर्ट पर हैं।













