ड्रॉपशिपिंग और फॉरेक्स ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा, ृ सरकंडा पुलिस ने दर्ज किया मामला
बिलासपुर। बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। फेसबुक पर दोस्ती करने वाली दो महिलाओं ने एक अधिवक्ता को ड्रॉपशिपिंग कारोबार और फॉरेक्स ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर ₹47.60 लाख की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर सरकंडा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, राजकिशोर नगर स्थित ओम टावर निवासी सुरेंद्र कुमार देवांगन (42) पेशे से अधिवक्ता हैं। 10 जून को उनकी फेसबुक पर अदिति मल्होत्रा और प्रिया शर्मा नाम की दो महिलाओं से पहचान हुई। बातचीत के दौरान दोनों ने खुद को ड्रॉपशिपिंग बिजनेस और फॉरेक्स ट्रेडिंग की विशेषज्ञ बताया और कम समय में अधिक लाभ कमाने का भरोसा दिलाया।
फर्जी वेबसाइट पर खुलवाए खाते
आरोप है कि दोनों महिलाओं ने अधिवक्ता को कुछ कथित ट्रेडिंग वेबसाइटों पर खाता खुलवाने के लिए प्रेरित किया। उनके झांसे में आकर पीड़ित ने 14 जुलाई से 20 जुलाई के बीच आरटीजीएस, एनईएफटी, आईएमपीएस और यूपीआई के माध्यम से अलग-अलग खातों में कुल ₹47.60 लाख जमा कर दिए।
जब उन्होंने अपनी जमा राशि निकालने की कोशिश की, तो आरोपियों ने कन्वर्जन फीस, प्रोसेसिंग चार्ज और गारंटी मनी के नाम पर अतिरिक्त रकम की मांग शुरू कर दी। पीड़ित द्वारा और पैसा देने से इनकार करने पर उसका ट्रेडिंग अकाउंट ही ब्लॉक कर दिया गया।
जांच में सामने आया दूसरा शिकार
ठगी का एहसास होने पर अधिवक्ता ने बिलासपुर साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पता चला कि इसी तरीके से आरोपियों ने सरकंडा के इमलीभाठा निवासी मनोज कुमार करके से भी ₹3 लाख की ठगी की है।
मोबाइल नंबरों के आधार पर जांच
पुलिस ने दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के मोबाइल नंबरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। सरकंडा पुलिस का कहना है कि साइबर ठगों की पहचान और उनके नेटवर्क तक पहुंचने के लिए डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों के निवेश संबंधी प्रस्तावों पर भरोसा न करें और किसी भी ऑनलाइन निवेश से पहले उसकी पूरी तरह जांच-पड़ताल अवश्य करें।














