500 इको-फ्रेंडली प्रतिमाएं, प्राकृतिक मिट्टी और रंगों के साथ तुलसी समेत कई पौधों के बीज किए शामिल
रायपुर। गणेशोत्सव के पावन अवसर पर रायपुर केंद्रीय जेल के बंदियों ने आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश देने की पहल की है। जेल के करीब 10 बंदियों ने प्राकृतिक मिट्टी से भगवान गणेश की 500 पर्यावरण-अनुकूल प्रतिमाएं तैयार की हैं। इन प्रतिमाओं की ऊंचाई 1 से 2 फीट तक है।
इन गणेश प्रतिमाओं की सबसे खास बात यह है कि इन्हें प्राकृतिक मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से बनाया गया है। साथ ही प्रतिमाओं में तुलसी सहित विभिन्न पौधों के बीज भी शामिल किए गए हैं। गणेशोत्सव के बाद जब इन प्रतिमाओं का विसर्जन होगा, तो मिट्टी में मौजूद बीज अंकुरित होकर पौधों का रूप ले सकेंगे।
आस्था के साथ हरियाली का संदेश
बंदियों की यह पहल धार्मिक आस्था को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ती है। प्रतिमाओं के माध्यम से लोगों को संदेश दिया जा रहा है कि परंपराओं और प्रकृति की रक्षा एक साथ की जा सकती है। विसर्जन के बाद प्रतिमाओं का मिट्टी में मिलना और उनमें मौजूद बीजों का पौधों के रूप में विकसित होना इस पहल को और विशेष बनाता है।
रचनात्मकता को सकारात्मक दिशा देने की पहल
रायपुर केंद्रीय जेल में बंदियों के कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के लिए विभिन्न उत्पादन एवं प्रशिक्षण गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में बंदियों ने मेहनत, लगन और रचनात्मकता का परिचय देते हुए गणेश प्रतिमाओं का निर्माण किया।
जेल प्रशासन का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां बंदियों को अपनी प्रतिभा और हुनर को सकारात्मक दिशा में इस्तेमाल करने का अवसर देती हैं। साथ ही समाज और पर्यावरण के हित में किए जाने वाले ऐसे कार्य उनके पुनर्वास की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
‘आस्था और प्रकृति संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं’
रायपुर केंद्रीय जेल के अधीक्षक योगेश सिंह ने बताया कि जेल में बंदियों के कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के लिए लगातार विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। बीजों से युक्त इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाएं इसी प्रयास का हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि इन प्रतिमाओं के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि धार्मिक आस्था के साथ प्रकृति का संरक्षण भी किया जा सकता है। ऐसी रचनात्मक गतिविधियां बंदियों के भीतर सकारात्मक सोच विकसित करने के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में भी सहायक हैं।














