पाटन सीट से 2023 की जीत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई जारी रहेगी, हाईकोर्ट में रख सकेंगे अपना पक्ष

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पाटन विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक भूपेश बघेल को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने 2023 विधानसभा चुनाव में उनकी जीत को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका को खारिज करने की मांग वाली उनकी अपील को अस्वीकार कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि भूपेश बघेल अपने सभी कानूनी तर्क छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान रख सकते हैं।

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन की पीठ ने कहा कि इस मामले में उठाए गए तथ्यों और आरोपों का परीक्षण साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।

बीजेपी प्रत्याशी ने जीत को दी है चुनौती

भूपेश बघेल की 2023 विधानसभा चुनाव में पाटन सीट से मिली जीत को भाजपा प्रत्याशी विजय बघेल ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उनका आरोप है कि 17 नवंबर 2023 को मतदान से ठीक एक दिन पहले भूपेश बघेल ने रोड शो किया था।

याचिका में कहा गया है कि यह जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 का उल्लंघन है, क्योंकि मतदान से 48 घंटे पहले चुनाव प्रचार पर रोक रहती है।

कपिल सिब्बल ने रखा पक्ष

भूपेश बघेल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि यदि रोड शो हुआ भी हो तो वह अधिकतम कानून के उल्लंघन का मामला हो सकता है, लेकिन इसे “भ्रष्ट आचरण” (Corrupt Practice) नहीं माना जा सकता।

उन्होंने यह भी कहा कि कथित रोड शो का चुनाव परिणाम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। उनके अनुसार, भूपेश बघेल ने लगभग 20 हजार वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी, जबकि याचिकाकर्ता स्वयं कह रहे हैं कि रोड शो में करीब 200 लोग ही शामिल थे।

असर पड़ा या नहीं, साक्ष्यों से होगा तय

सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया कि आरोपों को प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज कर दिया जाए। पीठ ने कहा कि कथित रोड शो का चुनाव परिणाम पर प्रभाव पड़ा या नहीं, इसका फैसला साक्ष्यों के आधार पर ट्रायल के दौरान किया जाएगा।

सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने टिप्पणी की कि यदि कोई संदेश एक व्यक्ति तक पहुंचता है तो वह दूसरे तक भी पहुंच सकता है। इसलिए यह जांच का विषय है कि कथित सभा का वास्तविक प्रभाव क्या था।

हाईकोर्ट पहले ही मान चुका है सुनवाई योग्य

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट पहले ही विजय बघेल की चुनाव याचिका को सुनवाई योग्य (Maintainable) मान चुका है। अब इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में आगे जारी रहेगी, जहां दोनों पक्ष अपने-अपने साक्ष्य और तर्क प्रस्तुत करेंगे।

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