नुआखाई मिलन समारोह में राष्ट्रपति ने कहा- विकसित भारत के लिए महिलाओं की समान भागीदारी जरूरी, नक्सलवाद के रास्ते से मुख्यधारा में लौट रहे युवा
रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने युवाओं से बड़े सपने देखने, अपनी क्षमताओं को विकसित करने और व्यक्तिगत सफलता को समाज व राष्ट्रसेवा से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की महत्वाकांक्षा के साथ नैतिकता, ज्ञान के साथ विनम्रता और सफलता के साथ सेवाभाव भी जरूरी है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए महिलाओं की समान भागीदारी भी अनिवार्य है।
राष्ट्रपति गुरुवार को रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में नुआखाई के अवसर पर आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और बड़ी संख्या में युवा व महिलाएं मौजूद रहे।
असफलताओं से सीखें, समाज के काम आए सफलता
राष्ट्रपति ने कहा कि युवाओं को लगातार सीखते रहना चाहिए। किताबें पढ़ने, सवाल पूछने, नई चीजें सीखने और अपने कौशल को निखारने से आगे बढ़ने के अवसर मिलते हैं। असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल बड़े फैसलों से नहीं, बल्कि करोड़ों नागरिकों के छोटे-छोटे ईमानदार प्रयासों से होता है। युवाओं का ज्ञान जरूरतमंदों के काम आए और उनकी प्रतिभा सामाजिक समस्याओं के समाधान में योगदान दे, तभी सफलता का वास्तविक अर्थ है।
महिलाओं को बराबरी के अवसर देने की अपील
द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि आधी आबादी को सशक्त बनाए बिना देश अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे नहीं बढ़ सकता। महिलाओं को समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने युवाओं और पुरुषों से अपील की कि वे अपनी बहनों और बेटियों को सपने पूरे करने के लिए अनुकूल माहौल दें। महिला सम्मान केवल शब्दों में नहीं, बल्कि व्यवहार और सोच में भी दिखना चाहिए।
नक्सलवाद छोड़ मुख्यधारा से जुड़ रहे युवा
छत्तीसगढ़ में हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों तथा युवाओं के संकल्प से नक्सलवाद का रास्ता छोड़कर युवा मुख्यधारा में लौट रहे हैं। जहां कभी आतंक का अंधकार था, वहां अब विकास की रोशनी फैल रही है। इससे युवाओं और उनके परिवारों के जीवन में बदलाव के साथ प्रदेश और देश के विकास को भी गति मिल रही है।
नुआखाई परंपरा, किसान और प्रकृति का सम्मान
राष्ट्रपति ने नुआखाई की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और अपनी जड़ों से जुड़े रहने का अवसर है। अन्न किसानों की मेहनत, धरती की उदारता और प्रकृति की देन का प्रतीक है। अन्न का सम्मान, किसानों के योगदान की कद्र और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है।
राज्यपाल रमेन डेका ने भी नुआखाई को कृषि संस्कृति, सामूहिक सहयोग और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का पर्व बताया। उन्होंने युवाओं से नशे और दिशाहीनता से दूर रहकर ज्ञान, कौशल और नवाचार के जरिए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।
युवा रोजगार और कौशल विकास पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति के जीवन को देश की बेटियों, युवाओं और आदिवासी समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता के अवसर बढ़ा रही है। पांच नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं। नवा रायपुर में राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से प्रतिवर्ष करीब 4,000 युवाओं को प्रशिक्षण देने की योजना है। छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन के तहत छह लाख विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये का कोष बनाया गया है।
रक्तदान महाकुंभ में 2,548 लोगों ने किया रक्तदान
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित रक्तदान महाकुंभ में 2,548 लोगों ने रक्तदान किया। इनमें 1,188 महिलाएं शामिल थीं। मुख्यमंत्री ने इसे सामाजिक भागीदारी और सेवाभाव का उदाहरण बताया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू सहित मंत्रिमंडल के सदस्य और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।














