नया इंटरफेस, कम CAPTCHA और बेहतर स्पीड से यात्रियों को मिलेगा सहज डिजिटल अनुभव
बिलासपुर। भारतीय रेलवे की टिकट बुकिंग प्रणाली को अधिक तेज, सरल और भरोसेमंद बनाने के उद्देश्य से आईआरसीटीसी ने अपनी नई बीटा वेबसाइट शुरू कर दी है। आधुनिक तकनीक और नए डिजाइन पर आधारित यह डिजिटल प्लेटफॉर्म यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक सहज और व्यवस्थित ऑनलाइन टिकट बुकिंग का अनुभव देगा।
रेल मंत्रालय के अधीन नवरत्न सार्वजनिक उपक्रम आईआरसीटीसी ने नई वेबसाइट को यात्रियों की सुविधा को केंद्र में रखकर विकसित किया है। इसमें लॉग-इन से लेकर टिकट कन्फर्म होने तक पूरी प्रक्रिया को सरल, आकर्षक और व्यवस्थित बनाया गया है। वेबसाइट का नया इंटरफेस ‘ग्लासमॉर्फिज्म’ डिजाइन ट्रेंड से प्रेरित है, जिससे जानकारी पहले से अधिक स्पष्ट और आसानी से समझी जा सकती है।
टिकट बुकिंग की रफ्तार में सुधार
आईआरसीटीसी के अनुसार नई वेबसाइट के जरिए टिकट बुकिंग की गति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। हाल के आंकड़ों में तीन मिनट की तत्काल बुकिंग अवधि के भीतर सफल बुकिंग में 5 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। इसी तरह पांच मिनट की अवधि में लगभग 3 प्रतिशत और 30 मिनट की अवधि में 2 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी देखी गई है।
ये आंकड़े बताते हैं कि नई वेबसाइट कम समय में अधिक प्रभावी ढंग से टिकट बुकिंग करने में सक्षम है।
ऑनलाइन बुकिंग का बढ़ा दायरा
जुलाई 2026 में कुल टिकट बुकिंग में ऑनलाइन बुकिंग की हिस्सेदारी बढ़कर 89.84 प्रतिशत तक पहुंच गई। रेलवे का मानना है कि डिजिटल माध्यम से टिकट बुकिंग बढ़ने से यात्री आरक्षण केंद्र (PRS) काउंटरों पर भीड़ और दबाव में भी कमी आई है।
कम CAPTCHA, कम रुकावट
यात्रियों से मिले सुझावों के आधार पर वेबसाइट में बार-बार आने वाले CAPTCHA और अनावश्यक पॉप-अप संदेशों को काफी हद तक कम किया गया है। इससे बुकिंग प्रक्रिया बिना बाधा के पूरी हो सकेगी और उपयोगकर्ता का अनुभव बेहतर होगा।
एक ही स्क्रीन पर सभी विकल्प
नई वेबसाइट में स्लीपर, एसी 3 टियर और एसी 2 टियर जैसी विभिन्न श्रेणियों में सीट उपलब्धता एक ही स्क्रीन पर दिखाई जाती है। इससे यात्रियों को अलग-अलग पेज खोलने की आवश्यकता नहीं होगी और वे विभिन्न विकल्पों की तुलना कर आसानी से उपयुक्त टिकट चुन सकेंगे।
डिजिटल अनुभव को और बेहतर बनाने पर जोर
आईआरसीटीसी के अनुसार नई बीटा वेबसाइट का उद्देश्य केवल वेबसाइट का स्वरूप बदलना नहीं है, बल्कि पूरी ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रणाली को अधिक आधुनिक, तेज और उपयोगकर्ता अनुकूल बनाना है। वेबसाइट को यात्रियों की प्रतिक्रिया के आधार पर लगातार अपडेट और बेहतर किया जाएगा ताकि भविष्य में और उन्नत डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
रेलवे का कहना है कि यह पहल यात्रियों को विश्वस्तरीय डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने और रेलवे आरक्षण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।













