295 किमी रेल लाइन के निर्माण को मिलेगी रफ्तार, राज्य सरकार ने मंजूर किया 100% इक्विटी निवेश प्रस्ताव
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कटघोरा-तखतपुर-मुंगेली-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़ के बीच प्रस्तावित 295 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया गया है। राज्य सरकार की कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ रेलवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीआरसीएल) के माध्यम से परियोजना के लिए 100 प्रतिशत इक्विटी निवेश के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री और बिलासपुर के सांसद तोखन साहू ने इस फैसले का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया।
कई जिलों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद
तोखन साहू ने कहा कि नई रेल लाइन से कटघोरा, तखतपुर, मुंगेली, कवर्धा, खैरागढ़ और डोंगरगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों को बेहतर रेल संपर्क मिल सकेगा। इससे व्यापार, उद्योग, पर्यटन और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। परियोजना से क्षेत्र में परिवहन सुविधाओं के विस्तार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।
केंद्र और राज्य के समन्वय पर जोर
साहू ने कहा कि केंद्र सरकार देश में रेल नेटवर्क के विस्तार और आधुनिक परिवहन सुविधाओं को प्राथमिकता दे रही है। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से इक्विटी निवेश के प्रस्ताव को मंजूरी देना इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि परियोजना पर तेजी से काम होने से क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी। हालांकि, निवेश प्रस्ताव की मंजूरी के बाद अब परियोजना की आगे की प्रक्रिया, वित्तीय व्यवस्था और निर्माण की समयसीमा पर नजर रहेगी। वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब काम तय समय पर जमीन पर उतरेगा।
विकास कार्यों की धीमी रफ्तार पर तोखन साहू नाराज
बिलासपुर और मुंगेली जिलों में मंजूर विकास कार्यों की धीमी रफ्तार को लेकर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री और बिलासपुर सांसद तोखन साहू ने नाराजगी जताई है। उन्होंने दिल्ली से दोनों जिलों के कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) को निर्देश दिए कि विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृत कामों में तेजी लाई जाए और उन्हें निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए।
साहू ने विभिन्न सरकारी योजनाओं, जिला खनिज न्यास (डीएमएफ), कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) और अलग-अलग आयोगों व प्राधिकरणों के माध्यम से मंजूर विकास कार्यों की प्रगति तेज करने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों के लिए स्वीकृत राशि जनता की सुविधा और क्षेत्र के विकास के लिए है। इसलिए राशि का समय पर इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए और अनावश्यक देरी से बचा जाए।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक परियोजना की नियमित समीक्षा हो। जिन कार्यों में देरी हो रही है, उन्हें गति देने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता पर भी खास जोर देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।
साहू ने अधिकारियों से कहा कि जनहित में जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए विकास कार्यों के प्रस्तावों पर निर्धारित नियमों के तहत प्राथमिकता से कार्रवाई की जाए। साथ ही योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंचाने और स्वीकृत कार्यों को जमीन पर पूरा कराने को गंभीरता से लिया जाए।













